वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972
अधिनियम के तहत अनुसूचियाँ
वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत विभिन्न पौधों और जानवरों की सुरक्षा स्थिति को निम्नलिखित छह अनुसूचियों के तहत विभाजित किया गया है:
- अनुसूची I
- इसमें उन लुप्तप्राय प्रजातियों को शामिल किया गया है, जिन्हें सर्वाधिक सुरक्षा की आवश्यकता है। इसके तहत शामिल प्रजातियों को अवैध शिकार, हत्या, व्यापार आदि से सुरक्षा प्रदान की जाती है।
- इस अनुसूची के तहत कानून का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति को सबसे कठोर दंड दिया जाता है।
- इस अनुसूची के तहत शामिल प्रजातियों का पूरे भारत में शिकार करने पर प्रतिबंध है, सिवाय ऐसी स्थिति के जब वे मानव जीवन के लिये खतरा हों अथवा वे ऐसी बीमारी से पीड़ित हों, जिससे ठीक होना संभव नहीं है।
- अनुसूची I के तहत निम्नलिखित जानवर शामिल हैं:
- ब्लैक बक
- बंगाल टाइगर
- धूमिल तेंदुआ
- हिम तेंदुआ
- दलदल हिरण
- हिमालयी भालू
- एशियाई चीता
- कश्मीरी हिरण
- लायन-टेल्ड मैकाक
- कस्तूरी मृग
- गैंडा
- ब्रो-एंटलर्ड डियर
- चिंकारा
- कैप्ड लंगूर
- गोल्डन लंगूर
- हूलॉक गिब्बन
- अनुसूची II
- इस सूची के अंतर्गत आने वाले जानवरों को भी उनके संरक्षण के लिये उच्च सुरक्षा प्रदान की जाती है, जिसमें उनके व्यापार पर प्रतिबंध आदि शामिल हैं।
- इस अनुसूची के तहत शामिल प्रजातियों का भी पूरे भारत में शिकार करने पर प्रतिबंध है, सिवाय ऐसी स्थिति के जब वे मानव जीवन के लिये खतरा हों अथवा वे ऐसी बीमारी से पीड़ित हों, जिससे ठीक होना संभव नहीं है।
- अनुसूची II के तहत सूचीबद्ध जानवरों में शामिल हैं:
- असमिया मैकाक, पिग टेल्ड मैकाक, स्टंप टेल्ड मैकाक
- बंगाल हनुमान लंगूर
- हिमालयन ब्लैक बियर
- हिमालयन सैलामैंडर
- सियार
- उड़ने वाली गिलहरी, विशाल गिलहरी
- स्पर्म व्हेल
- भारतीय कोबरा, किंग कोबरा
- अनुसूची III और IV
- जानवरों की वे प्रजातियाँ, जो संकटग्रस्त नहीं हैं उन्हें अनुसूची III और IV के अंतर्गत शामिल किया गया है।
- इसमें प्रतिबंधित शिकार वाली संरक्षित प्रजातियाँ शामिल हैं, लेकिन किसी भी उल्लंघन के लिये दंड पहली दो अनुसूचियों की तुलना में कम है।
- अनुसूची III के तहत संरक्षित जानवरों में शामिल हैं:
- चित्तीदार हिरण
- नीली भेड़
- लकड़बग्घा
- नीलगाय
- सांभर (हिरण)
- स्पंज
- अनुसूची IV के तहत संरक्षित जानवरों में शामिल हैं:
- राजहंस
- खरगोश
- फाल्कन
- किंगफिशर
- नीलकण्ठ पक्षी
- हॉर्सशू क्रैब
- अनुसूची V
- इस अनुसूची में ऐसे जानवर शामिल हैं जिन्हें ‘कृमि’ (छोटे जंगली जानवर जो बीमारी फैलाते हैं और पौधों तथा भोजन को नष्ट करते हैं) माना जाता है। इन जानवरों का शिकार किया जा सकता है।
- इसमें जंगली जानवरों की केवल चार प्रजातियाँ शामिल हैं
- कौवे
- फ्रूट्स बैट्स
- मूषक
- चूहा
- अनुसूची VI
- यह निर्दिष्ट पौधों की खेती को विनियमित करता है और उनके कब्ज़े, बिक्री और परिवहन को प्रतिबंधित करता है।
- निर्दिष्ट पौधों की खेती और व्यापार दोनों ही सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति से ही किया जा सकता है।
- अनुसूची VI के तहत संरक्षित पौधों में शामिल हैं:
- साइकस बेडडोमि
- ब्लू वांडा (ब्लू ऑर्किड)
- रेड वांडा (रेड ऑर्किड)
- कुथु (सौसुरिया लप्पा)
- स्लीपर ऑर्किड
- पिचर प्लांट (नेपेंथेस खासियाना)
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